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Tuesday, 6 August 2013

ज़रूरत है अब मुह तोड़ने की

5 जवान शहीद हो गए हैं फिर से हमारी ही सीमा में घुसे पाकिस्तानियों की गोलियों से. 20 लोगों ने घेर के मारा है 5 लोगों को. समझ नहीं आता किस अजीब तरह का गरीब देश है. एक तरफ ए दिन बचकाने बयानों से देश के गरीब का मजाक उड़ाने वाली कांग्रेस सरकार के नेता-न्यान्गले हैं और एक तरफ पाकिस्तान और चाइना जैसे देश. पडोसी चाहे कैसा भी हो अगर आप कमज़ोर हो तो कोई भी आपके न्यूज़ पेपर और दूध की बोतलें चुरा लेगा. अगर आप कुछ ज्यादा ही कमज़ोर हो तो हो सकता है की आपके घर की रजिस्ट्री भी अपने नाम करवा ले. खैर वो आपके और आपके पडोसी की बात है लेकिन यहाँ मुद्दा है भारत की संप्रभुता और सम्मान का. सम्मान तो किसी भी हालत में नहीं जाना चाहिए चाहे 2-4 नेताओं को या फिर पार्टियों को जाना पड़े. आज सुबह ही देश के सबसे बड़े और पूजे हुए परिवार के सबसे युवा लड़के का बयान सुना गरीबी पे. उन्होंने कहा, गरीबी सिर्फ मन में है, हकीकत में नहीं. अगर चाहो तो गरीबी से मन को मजबूत करके और कॉन्फिडेंस के सहारे अमीर बना जा सकता है. ठीक है आप जिस माहौल से आये हैं आपने या तो गरीबी देखि नहीं है, या फिर आप सच में सोचने समझने में कुछ दिक्कत महसूस कर रहे हैं. माननीय, इस देश के 82 करोड़ लोगों के लिए आप ही लाये हैं खाद्य सुरक्षा बिल. गरीबी का मज़ाक उडाना बंद करो और उस दो कौड़ी के देश पाकिस्तान के बारे में कुछ करने का सोचो. वैसे किया क्या जा सकता है इस बारे में अभी तक एक भी जगह नहीं सुना. सब देश के प्रधानमंत्री को या सरकार को गाली देने में लगे हैं. गुस्सा अपनी जगह सही है लेकिन इस का इलाज क्या है? या इलाज है ही नहीं? ऐसा नहीं है की हम नपुंसक है, लेकिन अहिंसा के समर्थक हैं. लेकिन कब तक? क्या हम सिर्फ पाकिस्तान के पास परमाणु बम है इस बात को सोच के डरते रहेंगे? और कोई कारण हो सकता है तो मेरी नजर में नहीं है सिवाय कुछ स्तरहीन अफवाहों के जिसमे ये कहा गया है की देश के नेताओं के काले धन के राज़ हैं पाकिस्तान के पास. सच चाहे जो भी है एक बात तय है की भारत के एक भी सपूत के शरीर का एक कतरा खून भी नहीं बहना चाहिए और अब तक हजारों मर चुके हैं. माननीय मनमोहन सिंह जी, अगर कुछ कांग्रेसी लोगों का मरना आपको नहीं सुहाया तो इन सैनिकों की माओं ने क्या गुनाह किया है जिन्होंने अपनी पूरी ज़िन्दगी  की सबसे महत्वपूर्ण चीज़ हँसते हँसते देश की सीमा पे भेज दी? याद है वो दिन जब एक शहीद की पत्नी को 5 लाख देने गए थे एक नेताजी और उस शहीद की पत्नी ने 5 लाख रुपये यह कहके लौटा दिए थे की " इन पैसों से बुलेट प्रूफ जैकेट खरीद ले भारत सरकार अपने सैनिकों के लिए, क्यूंकि  उस बेचारी भोली इंसान को बताया गया था की उसके उसके पति की मौत बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं होने की वजह से हुई है. हर चीज़ को आप पैसे में मत तोलो, इंसान मरे हैं जानवर नहीं. शर्म बची हो थोड़ी भी तो प्लीज ज्यादा नहीं तो कल मीडिया के सामने आके दो-तीन गलियां ही दे देना पाकिस्तान को, इससे ज्यादा तो आपसे कुछ होगा भी नहीं.
-Simply Sushant

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